Arthur Fery अपने करियर के सबसे बड़े मुकाबले के लिए तैयार हैं: Wimbledon के चौथे दौर में सेंटर कोर्ट पर Grigor Dimitrov के खिलाफ। 23 वर्षीय ब्रिटिश वाइल्डकार्ड ने Belgium के Zizou Bergs को पांच सेट के मुकाबले में हराकर यह मंच हासिल किया।
Fery की यह दौड़ उन्हें घरेलू खिलाड़ियों में आख़िरी बचे खिलाड़ी के रूप में सामने लाई है, क्योंकि बाकी ब्रिटिश एकल खिलाड़ी दूसरे दौर तक ही बाहर हो गए थे। रिपोर्ट में उनकी रैंकिंग 114 बताई गई है, और इससे पहले वह किसी ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़े थे, लेकिन इस Wimbledon अभियान ने उन्हें एक नई तरह की सुर्खियों में ला दिया है।
उनकी पृष्ठभूमि इस कहानी को और स्थानीय बनाती है। पेरिस के पास जन्मे Fery फ्रांसीसी माता-पिता के बेटे हैं और बचपन में Wimbledon आ गए थे, जहां उन्होंने LTA प्रणाली से आगे बढ़ते हुए बाद में Stanford University में पढ़ाई की और साथ-साथ टेनिस का विकास जारी रखा। हाथ की हड्डी में चोट जैसी समस्याओं ने उनके पूर्णकालिक टूर जीवन की राह धीमी की, लेकिन उन्होंने इतना स्थिर आधार फिर से बना लिया कि यह बड़ी सफलता संभव हो सकी।
एक और अनसुलझा पहलू उनकी बार-बार होने वाली नाक से खून आने की समस्या है, जो घास के कोर्ट वाले दौर में शुरू हुई और Wimbledon में भी जारी रही। इसका कारण अभी तय नहीं हुआ है, और स्रोत में यह चिकित्सकीय संदर्भ भी शामिल है कि तनाव ऐसी समस्या को बढ़ा सकता है, लेकिन कोई पक्का निदान सामने नहीं है। संपादकों के लिए सुरक्षित कोण खेल से जुड़ा है: एक स्थानीय वाइल्डकार्ड अब Wimbledon के सबसे प्रसिद्ध कोर्ट पर पूर्व विश्व नंबर तीन का सामना करने जा रहा है।


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