आर्थर फ़ेरी विंबलडन के चौथे दौर में पहुंच गए हैं, उन्होंने ज़िज़ू बर्ग्स को 2-6 7-5 2-6 7-6 (7-3) 7-6 (10-5) से हराया। ब्रिटिश वाइल्डकार्ड को इस मुकाबले में चार घंटे 39 मिनट लगे और मैच के दौरान उन्हें तीन बार नाक से खून आने पर उपचार भी लेना पड़ा।
इस नतीजे ने ब्रिटेन की एकल स्पर्धा में उम्मीदें जीवित रखी हैं और फ़ेरी के लिए यह एक बड़ा कदम है। टूर्नामेंट की शुरुआत में वह शीर्ष 100 से बाहर थे, लेकिन अब वह पहली बार इस समूह में प्रवेश करने जा रहे हैं। वह 1993 में एंड्रयू फॉस्टर के बाद विंबलडन के इस चरण तक पहुंचने वाले पहले ब्रिटिश पुरुष वाइल्डकार्ड भी हैं।
बर्ग्स ने आक्रामक शॉट्स और सूझबूझ भरे ड्रॉप शॉट्स के दम पर मैच के बड़े हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन फ़ेरी ने बार-बार मुश्किल हालात से वापसी की, जिसमें निर्णायक सेट में 4-1 से पीछे होना भी शामिल था। कोर्ट 18 पर मौजूद दर्शकों ने इस मुकाबले को खास बना दिया, और फ़ेरी ने अपने पिछले उसी कोर्ट वाले जीत के बाद वहीं खेलने का अनुरोध किया था।
फ़ेरी का अगला मुकाबला ग्रिगोर दिमित्रोव से होगा, जिसमें क्वार्टर फाइनल में जगह दांव पर रहेगी। इस अभियान से उन्हें पहले ही £300,000 की इनामी राशि सुनिश्चित हो चुकी है, लेकिन बड़ी कहानी यह है कि एक वाइल्डकार्ड ने कठिन ड्रॉ को टूर्नामेंट की सबसे बड़ी घरेलू कहानियों में बदल दिया है।


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