बेल्जियम ने सीटल में हुए अपने विश्व कप राउंड ऑफ 16 मैच में संयुक्त राज्य अमेरिका को 4-1 से हराया, जबकि फोलारिन बालोगुन को फीफा द्वारा उनके स्वचालित निलंबन पर रोक लगाए जाने के बाद खेलने की अनुमति मिल गई थी। बेल्जियम के मिडफील्डर Nicolas Raskin ने कहा कि टीम ने इस फैसले को अन्याय की तरह महसूस किया और उसी भावना को प्रेरणा में बदल दिया।
बालोगुन को पिछले दौर में बोस्निया-हर्ज़ेगोविना के खिलाफ़ सीधे रेड कार्ड के बाद बाहर होना था, लेकिन बेल्जियम के खिलाफ़ मुकाबले से कुछ ही समय पहले फीफा ने उनके एक मैच के निलंबन को 12 महीनों के लिए स्थगित कर दिया। RBFA ने उनकी पात्रता पर आपत्ति जताई, लेकिन फीफा समिति ने माना कि शुरुआती अनुशासनात्मक फैसले में बेल्जियम शामिल पक्ष नहीं था।
इस फैसले की व्यापक आलोचना हुई, जिसमें UEFA और इंग्लैंड के मुख्य कोच Thomas Tuchel भी शामिल थे। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि उन्होंने Gianni Infantino से बात करने के बाद फीफा से मामले की समीक्षा करने को कहा था। Trump ने किसी नतीजे को तय करने से इनकार किया और अंतिम फैसले को सही बताया।
मैच के बाद बेल्जियम की प्रतिक्रिया ने कहानी को एक और परत दी: खिलाड़ियों को Trump के चुनावी दौर के अंदाज़ से मिलती-जुलती नृत्य-भंगिमा में जश्न मनाते हुए देखा गया, और राष्ट्रीय टीम के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट ने Romelu Lukaku की तस्वीर के साथ एक तंज भरा संदेश पोस्ट किया। बाद में कोच Rudi Garcia ने जोर देकर कहा कि खुद बालोगुन को दोष नहीं दिया जा सकता और उन्होंने कहा कि बेल्जियम का ध्यान अपनी ही प्रदर्शन-योजना पर बना रहा।


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