बोर्दो बेग्ल्स ने बिलबाओ में लीनस्टर को 41-19 से हराकर चैंपियंस कप बरकरार रखा और यूरोपीय खिताब बचाने वाली सिर्फ छठी टीम बन गई। उनकी यह जीत तब आई जब फ्रांस ने सिक्स नेशन्स बरकरार रखा था और मॉन्टपेलियर ने चैलेंज कप जीता था, जिससे फ्रांसीसी पुरुष रग्बी के लिए एक व्यापक क्लीन स्वीप पूरा हुआ।
बोर्दो की यह दौड़ बेहद प्रभावशाली रही है: उन्होंने दो सत्रों में लगातार 16 चैंपियंस कप मैच जीते हैं, और इस सीजन के नॉकआउट चरण में टूलूज़, बाथ और लीनस्टर को पछाड़ा। 2006 में दो क्लबों के विलय से बने इस क्लब के लिए यह नतीजा इस धारणा को और मजबूत करता है कि बोर्दो अब सिर्फ उभरती चुनौती नहीं, बल्कि यूरोप के प्रमुख मानकों में से एक हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट बोर्दो के संतुलन को रेखांकित करती है, जिसमें ताकत, रचनात्मकता और तैयारी तीनों शामिल हैं। लुई बिएल-बियार्रे को टूर्नामेंट का प्रमुख चेहरा बताया गया, जबकि मैक्सिम लुकू और माथियू जालिबेर्ट की जोड़ी को ऐसे साझेदार के रूप में पेश किया गया जिसकी समझ मैदान के अंदर और मैदान के बाहर, दोनों स्तरों पर बनी हुई है।
आयरिश रग्बी के लिए भी अब बड़ा सवाल खड़ा है। लीनस्टर बार-बार यूरोपीय मंच के सबसे बड़े स्तर तक पहुंचे हैं, लेकिन एक और खिताब का इंतजार खत्म नहीं कर पाए हैं, जबकि उल्स्टर और आयरलैंड भी इस सीजन प्रमुख प्रतियोगिताओं में फ्रांसीसी विपक्ष के पीछे रहे। अब बहस यह है कि क्या आयरिश ढांचे यह अंतर कम कर सकते हैं, या फ्रांसीसी क्लब रग्बी के संसाधन और प्राथमिकताएं उन्हें अधिक टिकाऊ बढ़त दे चुकी हैं।


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