इंग्लैंड के तीनों विश्व कप गोलकीपरों का Carlisle United से जुड़ाव रहा है। Jordan Pickford ने वहां लोन पर 18 पहली टीम मैच खेले, जबकि Dean Henderson और James Trafford क्लब की अकादमी-प्रणाली का हिस्सा रहे, फिर आगे बड़े मंचों की ओर बढ़े।
BBC की यह फीचर Carlisle को एक चौंकाने वाले गोलकीपिंग केंद्र के रूप में पेश करती है, और इसके समर्थन में उन कोचों व स्काउट्स की यादें हैं जिन्होंने खिलाड़ियों को उनके करियर की शुरुआत में देखा या उनके साथ काम किया। Pickford का कार्यकाल एक कठिन League One सीज़न के दौरान आया था, लेकिन क्लब से जुड़े लोग उनकी जुझारू मानसिकता को याद करते हैं, जिसे बाद में उन्हें इंग्लैंड का स्थापित नंबर एक बनने में मददगार माना गया।
Henderson का रास्ता अलग था: उन्हें कम उम्र में पहचाना गया, Carlisle के युवा ढांचे में विकसित किया गया, और फिर 2015 में Manchester United से जोड़ा गया। उनके करियर में बाद के कई लोन मूव्स, 2023 में Crystal Palace के लिए स्थायी कदम, और 2025 FA Cup फ़ाइनल में Palace के लिए Wembley का एक बड़ा पल शामिल रहा है।
इस तिकड़ी में सबसे युवा Trafford ने भी Carlisle की प्रणाली को जल्दी छोड़ दिया, 12 साल की उम्र में Manchester City चले गए, बाद में Burnley में समय बिताया और फिर City लौट आए। संपादकों और समर्थकों के लिए बड़ा निष्कर्ष यह है कि Carlisle ने शायद इन खिलाड़ियों को अकेले तैयार नहीं किया, लेकिन उनके विकास के अहम चरणों में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।


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