अलेक्ज़ेंडर सेफेरिन ने यूएफ़ा और फ़ीफ़ा के बीच बढ़ते विवाद की वजह से अर्जेंटीना और स्पेन के बीच विश्व कप फ़ाइनल में भाग नहीं लिया। यह फैसला टूर्नामेंट के दौरान कई टकरावों के बाद आया, हालांकि सेफेरिन ने मेक्सिको सिटी में ओपनिंग मैच देखा था।
मुख्य विवादों में से एक यह था कि, रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद संयुक्त राज्य के फ़ॉरवर्ड Folarin Balogun को निलंबन से बचा लिया गया। यह असहमति विश्व कप के दौरान फ़ीफ़ा की अनुशासनात्मक प्रक्रिया और प्रतियोगिता नियमों को संभालने के तरीके पर चल रही बड़ी खींचतान का हिस्सा है।
यूएफ़ा फ़ीफ़ा-समर्थित कई बदलावों का भी विरोध कर रहा है, जिनमें लंबे हाफ़टाइम मनोरंजन और 64 टीमों वाले विश्व कप की संभावना शामिल है। फ़ाइनल के मनोरंजन कार्यक्रम ने सामान्य ब्रेक से कहीं अधिक समय तक अंतराल बढ़ा दिया था, जबकि यूएफ़ा चैंपियंस लीग या यूरोपीय चैम्पियनशिप में ऐसे शो अपनाने का इरादा नहीं रखता।
तनाव के अन्य मुद्दों में टिकट की कीमतें, रेफ़री तक पहुँच से जुड़ी समस्याएँ और VAR तथा खिलाड़ियों के आचरण नियमों को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण शामिल हैं। व्यापक सवाल यह है कि क्या यूरोपीय फ़ुटबॉल के लिए यूएफ़ा और फ़ीफ़ा खेल के भविष्य के स्वरूप को लेकर अधिक खुली संस्थागत टकराव की ओर बढ़ रहे हैं।


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