फुटबॉल क्लबों पर मैच के दिन होने वाली पुलिसिंग का ज़्यादा खर्च उठाने का दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि यूके फुटबॉल पुलिसिंग प्रमुख मार्क रॉबर्ट्स ने कहा कि 2025-26 सत्र में करदाताओं ने £70m की लागत वहन की। उनकी चिंता मौजूदा मॉडल को लेकर है, जिसमें क्लबों से स्टेडियम के बाहर की पुलिसिंग का शुल्क नहीं लिया जाता।
रिपोर्ट में उद्धृत गृह कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार इंग्लैंड और वेल्स में 1,644 मैचों में घटनाएँ दर्ज हुईं, जो 2017-18 में UKFPU द्वारा डेटा संग्रह शुरू होने के बाद का सबसे ऊँचा स्तर है। गंभीरता के लिहाज़ से उच्च-स्तरीय घटनाएँ भी बढ़कर 159 हो गईं, जबकि पिछले सत्र में यह 106 थीं।
लेकिन कुल तस्वीर अधिक मिश्रित है। फुटबॉल से जुड़ी गिरफ्तारियाँ और अन्य पुलिस कार्रवाइयाँ घटकर 1,963 रह गईं, जबकि हिंसक अव्यवस्था की घटनाएँ साल-दर-साल 17% गिरकर 444 से 368 पर आ गईं। मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर Geoff Pearson ने कहा कि दर्ज घटनाओं में बढ़ोतरी का मतलब ज़रूरी नहीं कि प्रशंसकों के व्यवहार में सीधी गिरावट हो; इसका कुछ हिस्सा बेहतर रिकॉर्डिंग का नतीजा भी हो सकता है।
ऑनलाइन दुर्व्यवहार अब भी एक अहम चिंता बना हुआ है। फुटबॉल से जुड़ी ऑनलाइन घृणा-अपराध और दुर्व्यवहार की 405 घटनाएँ दर्ज की गईं, जो पिछले वर्ष 234 थीं। ये आँकड़े संपादकों और प्रशंसकों के सामने सुरक्षा के साथ-साथ नीतिगत सवाल भी छोड़ते हैं: जब फुटबॉल का असर टर्नस्टाइल से आगे तक जाता है, तो ज़िम्मेदारी क्लबों, पुलिस और जनता के बीच कैसे बाँटी जानी चाहिए?


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