लुइस दे ला फुएंते ने स्पेन की विश्व कप फाइनल जीत के बाद अर्जेंटीना खिलाड़ियों के व्यवहार की आलोचना की और उस दृश्य को अस्वीकार्य बताया। रिपोर्ट के समय फीफा ने जांच शुरू कर दी थी, लेकिन कोई भी सजा घोषित नहीं की गई थी।
बताई गई घटनाएं उस समय हुईं जब स्पेन न्यूयॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में विश्व कप जीत का जश्न मना रहा था। स्रोत रिपोर्ट में नाहुएल मोलिना का नाम रोड्री से जुड़ी एक घटना में लिया गया, जबकि लियोनार्डो पारेदेस को एरिक गार्सिया और गावी के साथ अलग-अलग टकरावों से जोड़ा गया।
दे ला फुएंते ने कहा कि उस पल उन्हें पूरी स्थिति का एहसास नहीं हुआ, क्योंकि वे अपनी टीम के साथ जश्न मना रहे थे। बाद में उन्होंने स्पेन के खिलाड़ियों की तारीफ की कि उन्होंने ऐसी प्रतिक्रिया नहीं दी जिससे हालात और बिगड़ सकते थे।
संपादकों के लिए मुख्य कोण सिर्फ फाइनल का भावनात्मक माहौल नहीं, बल्कि यह भी है कि जब फुटेज तेजी से ऑनलाइन फैलता है, तब फुटबॉल अधिकारी मैच के बाद की भिड़ंतों को कैसे संभालते हैं। जब तक फीफा अपनी प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेता, अनुशासनात्मक परिणाम अनिश्चित बना रहेगा।


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