इंग्लैंड ने एस्तादियो अज़टेका में मेक्सिको को 3-2 से हराकर वर्ल्ड कप क्वार्टर-फ़ाइनल में नॉर्वे के खिलाफ़ जगह बना ली। जूड बेलिंगहैम ने दो गोल किए, हैरी केन ने पेनल्टी पर गोल जोड़ा, और दूसरे हाफ़ की शुरुआत में जारेल क्वांसाह के बाहर होने के बाद भी इंग्लैंड ने मैच अपने नाम किया।
शुरुआत से पहले ही मुकाबले पर दबाव था। तूफ़ान के कारण खेल करीब एक घंटे देर से शुरू हुआ, और अज़टेका का माहौल चुनौती को और कठिन बना रहा था। रिपोर्ट के अनुसार इस मैदान पर प्रतिस्पर्धी मैचों में मेक्सिको बहुत कम हारता आया था, लेकिन जूलियन क्विनोनेस के जवाबी गोल और राउल जिमेनेज़ की देर की पेनल्टी ने अंत को बेहद तनावपूर्ण बना दिया।
रेड कार्ड के बाद थॉमस ट्यूशेल के बदलाव इस कहानी का अहम हिस्सा बने, जब उन्होंने जॉन स्टोन्स, डैन बर्न और डीज़्ड स्पेंस को मैदान पर उतारा ताकि इंग्लैंड अपनी बढ़त बचा सके। जॉर्डन पिकफ़ोर्ड ने भी निर्णायक भूमिका निभाई, अहम बचाव किए और पीटर शिल्टन के 17 वर्ल्ड कप मैचों के इंग्लैंड रिकॉर्ड की बराबरी की।
संपादकों के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या यह नतीजा ट्यूशेल की इंग्लैंड टीम को लेकर धारणा बदलता है: इस प्रदर्शन में बेलिंगहैम की आक्रामक चमक भी थी और भारी दबाव में लंबा रक्षात्मक संघर्ष भी। अगली परीक्षा शनिवार को मियामी में नॉर्वे के खिलाफ़ रात 22:00 BST पर होगी।


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