इंग्लैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर विश्व कप में तीसरा स्थान हासिल किया, जो इस टूर्नामेंट में उसका 60 वर्षों में पहला पदक और विदेशी धरती पर पहला पदक है। बुकायो साका ने तीन गोल किए, जबकि जुड बेलिंगहैम ने बेंच से आकर इंग्लैंड का आखिरी गोल जोड़ा।
थॉमस टुखेल की टीम ने हाफ-टाइम तक 4-0 की बढ़त बना ली थी, जब डेक्लन राइस, एज़री कोनसा और साका के दो गोल आए। लेकिन ब्रेक के बाद फ्रांस ने मुकाबले को काफी करीबी बना दिया। किलियन एमबापे ने फ्रांस की वापसी में गोल किया, जिससे टूर्नामेंट में उनका आंकड़ा 10 गोल और विश्व कप में कुल 22 गोल तक पहुंच गया, और फिर ओस्मान डेम्बेले ने स्टॉपेज टाइम में स्कोर 5-4 कर दिया।
टुखेल ने इस नतीजे को पूरी तरह जश्न मनाने की बजाय आगे बढ़ने का एक कदम बताया और फाइनल से चूकने की पीड़ा की ओर इशारा किया, लेकिन साथ ही कहा कि टीम को बाद में अपनी उपलब्धि पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इंग्लैंड को अभी भी मैच प्रबंधन, दबाव में निर्णय लेने और रक्षात्मक दक्षता में सुधार करना होगा।
यह मैच फ्रांस के साथ दीदिए देशां के लंबे कार्यकाल का भी अंत था। स्रोत में कहा गया है कि ज़िनेदिन ज़िदान उनके उत्तराधिकारी बनने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस बदलाव को पुष्टि मानने से पहले सत्यापित करना होगा।


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