एरलिंग हॉलैंड ने देर से किया गया निर्णायक गोल दागकर नॉर्वे को दल्लास में आइवरी कोस्ट पर 2-1 की जीत दिलाई और टीम को विश्व कप के राउंड ऑफ 16 में ब्राज़ील के खिलाफ मुकाबले में पहुंचा दिया। इस नतीजे को विश्व कप में नॉर्वे की पहली नॉकआउट-स्टेज जीत भी बताया गया।
नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबक्केन ने मैच के बाद हॉलैंड की जमकर तारीफ़ की और कहा कि वह मैनचेस्टर सिटी के इस फॉरवर्ड को खेल का सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर मानते हैं तथा उनके बदले किसी और खिलाड़ी को नहीं लेंगे। कोच ने हॉलैंड की होल्ड-अप प्ले और गेंद को अपने पास बनाए रखने की क्षमता को भी टीम के लिए अहम लेकिन अक्सर कम आंके जाने वाले पहलू बताया।
रिपोर्ट के मुताबिक इस विश्व कप में हॉलैंड के नाम तीन मैचों में पांच गोल थे, जिससे वह उस समय टूर्नामेंट की गोल-दौड़ में शीर्ष के क़रीब थे। इसमें नॉर्वे के प्रतिस्पर्धी मैचों में एक लंबे गोल-क्रम का भी ज़िक्र है, हालांकि प्रकाशित करने से पहले इन चलती हुई संख्याओं को आधिकारिक टूर्नामेंट और संघ रिकॉर्ड से मिलाना चाहिए।
अब ब्राज़ील कहीं बड़ी चुनौती है, भले ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पांच बार की विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ़ नॉर्वे अपने पिछले चार मुकाबलों में अपराजित रहा है। संपादकों और पाठकों के लिए असली सवाल यह है कि क्या नॉर्वे की संरचना हॉलैंड को पर्याप्त मौके देती रह सकती है, खासकर ऐसे मैच में जहां ब्राज़ील के लंबे समय तक खेल पर नियंत्रण रखने की उम्मीद है।


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