South Korea अभी World Cup से बाहर नहीं हुई है, लेकिन South Africa से 1-0 की हार ने knock-out चरण में उसकी जगह को अनिश्चित बना दिया है। कप्तान Son Heung-Min को बिना शुरू किए मैदान में उतारने का Hong Myung-Bo का फैसला South Africa के Group A में दूसरे स्थान पर पहुंचकर आगे बढ़ने के बाद चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया।
स्रोत रिपोर्ट के मुताबिक, 2010 के बाद यह पहली बार था जब Son ने कोई World Cup मैच शुरू नहीं किया। Hong की योजना थी कि उन्हें बाद में उतारा जाए, जब South Africa के लिए जगहें खुलने लगें, लेकिन यह रणनीति ज़रूरी नतीजा नहीं दे सकी।
बाद में Hong ने जिम्मेदारी स्वीकार की और माना कि hindsight के साथ शायद अलग फैसले लिए जा सकते थे। दक्षिण कोरियाई मीडिया ने चयन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, और सवाल परिणाम के साथ-साथ बदली हुई शुरुआती टीम पर भी केंद्रित रहे।
South Korea के लिए अब तात्कालिक मुद्दा tactical बहस नहीं, बल्कि tournament arithmetic है: उन्हें group stage के बाकी मैच खत्म होने तक इंतज़ार करना होगा ताकि पता चल सके कि वे best third-placed teams में से एक के रूप में qualify करते हैं या नहीं। Editors और fans के लिए बड़ा सवाल यह है कि क्या इतने निर्णायक मैच में कप्तान को bench करना कभी उचित ठहराया जा सकता है, जब गलती की गुंजाइश इतनी कम हो।


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