ईरान ग्रुप जी में अब भी अपराजित है। 10 खिलाड़ियों वाले बेल्जियम के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद, और इससे पहले न्यूज़ीलैंड के साथ ड्रॉ खेलने के बाद, कोच अमीर घालेनोई का मानना है कि उनकी टीम का यह सफर पहले से ही ऐतिहासिक महत्व रखता है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की तैयारियों पर रद्द हुए अभ्यास मैचों का असर पड़ा और घालेनोई ने घरेलू हालात को भी बेहद कठिन बताया। विश्व कप के दौरान टीम को यात्रा से जुड़ी सीमाओं का सामना भी करना पड़ा, क्योंकि उसका बेस मेक्सिको में है और संयुक्त राज्य अमेरिका में होने वाले मैचों के लिए आवागमन पर प्रतिबंध जैसे नियम लागू हैं।
ईरान का आखिरी ग्रुप मैच सिएटल में मिस्र के खिलाफ तय है, और जीत मिलने पर टीम नॉकआउट चरण में पहुंच जाएगी। घालेनोई ने उम्मीद जताई है कि उस मुकाबले के लिए टीम पहले शहर पहुंच सके, लेकिन मौजूदा स्थिति अभी समीक्षा के तहत बताई गई है।
संपादकों के लिए खेल की तस्वीर साफ है: मुश्किल शुरुआत के बावजूद ईरान ने खुद को मुकाबले में बनाए रखा है। लेकिन राजनीतिक और वीज़ा से जुड़ा संदर्भ संवेदनशील है, इसलिए किसी भी मजबूत निष्कर्ष से पहले उसे सावधानी से परखना चाहिए।


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