जूलियन क्विनोनेस इंग्लैंड के खिलाफ मेक्सिको के विश्व कप प्री-क्वार्टरफाइनल में टूर्नामेंट के सबसे असरदार आक्रामकों में से एक के रूप में उतर रहे हैं, जिनके नाम चार मैचों में तीन गोल और एक असिस्ट है। 29 वर्षीय बाईं ओर से खेलने वाले फॉरवर्ड को दो बार मैन ऑफ द मैच भी चुना गया है, जिससे वह इंग्लैंड की रक्षापंक्ति के लिए एक साफ-साफ फोकस बन जाते हैं।
मगुई पायान, कोलंबिया में जन्मे क्विनोनेस किशोरावस्था में टाइग्रेस से जुड़ने के लिए मेक्सिको चले गए और बाद में टाइग्रेस, एटलास और क्लब अमेरिका के साथ वहां बड़ा क्लब करियर बनाया। कोलंबिया के लिए पहले युवा स्तर पर खेल चुके क्विनोनेस ने प्राकृतिककरण के जरिए मेक्सिको के लिए पात्रता हासिल की और 2023 में उस देश का प्रतिनिधित्व करना चुना।
उनकी हालिया गोल-स्कोरिंग क्षमता ने उनकी पहचान और मजबूत की है। अल-कादिसिया में शामिल होने के बाद बीबीसी द्वारा उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, सभी प्रतियोगिताओं में 68 मैचों में उनके 62 गोल हैं, जिनमें 33 लीग गोलों वाला सऊदी प्रो लीग गोल्डन बूट अभियान भी शामिल है, और उन्होंने इवान टोनी तथा क्रिस्टियानो रोनाल्डो से आगे रहते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
मेक्सिको के लिए इस विश्व कप में क्विनोनेस पहले ही दक्षिण अफ्रीका, चेक गणराज्य और इक्वाडोर के खिलाफ गोल कर चुके हैं। एज़टेका स्टेडियम में इंग्लैंड का सामना मेक्सिको से होने के साथ, बाईं ओर से उनकी मूवमेंट और फिनिशिंग फॉर्म संपादकों के लिए देखने लायक अहम सामरिक कहानी बनाती है, खासकर इंग्लैंड के राइट-बैक मुकाबले के संदर्भ में।


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