हैरी केन ने यह वर्ल्ड कप क़तर 2022 की तुलना में एक बिल्कुल अलग स्थिति में शुरू किया है, और इंग्लैंड की क्रोएशिया पर 4-2 की जीत में उन्होंने दो बार गोल किए। पिछले टूर्नामेंट में उन्हें शॉट ऑन टारगेट दर्ज करने के लिए चार मैच और 269 मिनट लगे थे, लेकिन इस बार वह शुरुआत से ही इंग्लैंड के हमले का केंद्र बने हुए हैं।
बीबीसी के लिए एलन शियरर का विश्लेषण इस बदलाव को फ़ॉर्म और फिटनेस, दोनों से जोड़ता है। उनका कहना है कि केन पिछले बड़े टूर्नामेंटों की तुलना में ज़्यादा मज़बूत दिख रहे हैं, और बायर्न म्यूनिख के लिए 61 गोल वाले सीज़न ने इंग्लैंड की इस मुहिम में उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है।
रणनीतिक तस्वीर भी अहम दिखती है। शियरर बताते हैं कि थॉमस टुखेल, जो बायर्न में केन के साथ पहले काम कर चुके हैं, के तहत इंग्लैंड उनके पीछे दौड़ने वाले खिलाड़ियों का बेहतर इस्तेमाल कर रहा है। जब केन थोड़ा नीचे आकर गेंद लेते हैं, तो नॉनी माडुएके, जूड बेलिंगहम और एंथनी गॉर्डन जैसी रनों से रक्षापंक्ति पर दबाव बनाते हैं।
क्रोएशिया के खिलाफ केन के गोलों ने अलग-अलग संकेत भी दिए: दोबारा कराए गए पेनल्टी पर संयम, और फिर डेक्लान राइस की क्रॉस पर हेडर से किया गया फ़िनिश। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तेज़ शुरुआत पूरे ग्रुप चरण में बनी रह सकती है, और क्या केन फिर से गोल्डन बूट की चर्चा में उतरेंगे।


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