कटी स्वान इरिना-कामेलिया बेगु को हराकर विंबलडन के दूसरे दौर में पहुंच गई हैं, और इस साल के टूर्नामेंट में वहां तक पहुंचने वाली पहली ब्रिटिश खिलाड़ी बन गई हैं। इस नतीजे का भावनात्मक महत्व इसलिए भी है क्योंकि लगातार पीठ की परेशानियों के बाद स्वान ने गंभीरता से सोचा था कि क्या उनका पेशेवर करियर आगे चल पाएगा।
यह मुकाबला उनके करियर के एक पुराने पड़ाव से भी जुड़ा रहा: स्वान की पहली ग्रैंड स्लैम मुख्य-ड्रॉ जीत 2018 में विंबलडन में बेगु के खिलाफ ही आई थी। इस बार वह तीन साल बाद SW19 लौटीं, और वाइल्डकार्ड के साथ उस मुकाम तक पहुंचीं, जहां तक पहुंचने के लिए उन्हें टॉप 1,000 से बाहर जाने के बाद आईटीएफ सर्किट पर खुद को फिर से तैयार करना पड़ा।
स्वान की वापसी में एक ऐसी तंत्रिका-संबंधी चिकित्सा प्रक्रिया की भी अहम भूमिका रही, जिसे उन्होंने दर्दनाक लेकिन जरूरी बताया। 2025 की शुरुआत से वे अधिक नियमित रूप से कोर्ट पर बनी रहीं, उन्होंने छह आईटीएफ खिताब जीते और इस लेख के महीने में टॉप 200 में लौटने से पहले अपनी रैंकिंग फिर ऊपर चढ़ाई।
अब अगली चुनौती और बड़ी है, क्योंकि दूसरे दौर में उनका सामना 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन मैडिसन कीज़ से होगा। लेकिन स्वान के लिए यह सफर पहले ही इस बात की याद दिला रहा है कि जब सेहत, आत्मविश्वास और मौका एक साथ मिलते हैं, तो करियर की कहानी कितनी तेजी से बदल सकती है।


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