स्कॉटलैंड को बोस्टन में मोरक्को से 1-0 से हार मिली, और मैच के बाद चर्चा दो पेनल्टी अपीलों तथा एक संभावित रेड-कार्ड घटना पर केंद्रित रही। सबसे विवादित पल जॉन मैकगिन से जुड़ा था, जिनके भाई स्टीफन ने कहा कि रेफरी ने अपील खारिज करते हुए बताया कि गेंद खेल से बाहर जा रही थी।
दूसरे शब्दों में कही गई यह व्याख्या अब बहस का केंद्र बन गई है। स्टीफन मैकगिन का मानना था कि नील एल आयनावी की चुनौती पर जॉन मैकगिन को पेनल्टी मिलनी चाहिए थी, जबकि स्कॉट मैकटोमिने की अलग अपील को लेकर वे उतने आश्वस्त नहीं थे।
नील मैककैन ने भी मैकगिन वाले मामले को अधिक मजबूत पेनल्टी दावा माना और मैकटोमिने की अपील को उसी तरह नहीं देखा। मैककैन और स्टीफन मैकगिन, दोनों ने आगे कहा कि चे एडम्स पर इस्सा दियोप की चुनौती पर रेड कार्ड दिखना चाहिए था, और मैककैन ने सवाल उठाया कि उस घटना को मॉनिटर पर क्यों नहीं देखा गया।
संपादकों के लिए मुख्य सावधानी यह है कि रेफरी की कथित व्याख्या उपलब्ध सामग्री में कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान नहीं है। इस रिपोर्ट को स्कॉटलैंड की निराशा के इर्द-गिर्द विवाद के रूप में पेश किया जा सकता है, लेकिन नियमों या VAR प्रक्रिया पर कोई अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक स्पष्टीकरण या अतिरिक्त स्रोत मिलने तक नहीं दिया जाना चाहिए।


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