माइकल ओलिस अब फ्रांस के विश्व कप के सबसे चर्चित चेहरों में से एक हैं, और अंतिम-16 में पैराग्वे के खिलाफ मैच से पहले वह पांच असिस्ट दर्ज कर चुके थे। उनके आसपास ध्यान बढ़ रहा है, हालांकि उनके करियर की पहचान हमेशा से प्रचार से ज्यादा निजीपन रही है।
इंग्लैंड में जन्मे और वहीं पले-बढ़े ओलिस कई राष्ट्रीय टीमों के लिए योग्य थे, लेकिन रीडिंग में सफलता के बाद वे फ्रांस की युवा व्यवस्था से जुड़े। उनका रास्ता सीधा नहीं था: चेल्सी अकादमी से निकलने के बाद मैनचेस्टर सिटी में भी समय रहा, फिर रीडिंग में खुद को फिर से खड़ा किया और 2021 में क्रिस्टल पैलेस ने उन्हें साइन किया।
बीबीसी की रिपोर्ट में एक ऐसे खिलाड़ी की लगातार तस्वीर मिलती है जिसे उनका शांत स्वभाव अक्सर गलत समझा गया। पूर्व शिक्षक और भर्ती स्टाफ उन्हें दूर रहने वाला या मुश्किल नहीं, बल्कि संकोची, बेहद प्रेरित और कम उम्र से ही असाधारण प्रतिभाशाली बताते हैं।
पैलेस और फिर बायर्न म्यूनिख में उनका विकास और तेज हुआ, और रिपोर्ट के अनुसार जर्मन चैंपियनों के लिए उनके गोल और असिस्ट वाला एक बड़ा सीजन भी रहा। फ्रांस के लिए उनके विश्व कप प्रदर्शन ने उनके साधारण सार्वजनिक अंदाज़ को और बड़ी कहानी बना दिया है: जितना कम वह सुर्खियाँ चाहते हैं, उतना ही उनका खेल उन्हें केंद्र में खींच लाता है।


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