Darren Cann का कहना है कि विश्व कप के रेफरी किसी भी ऐसी फीफा योजना का हिस्सा नहीं हैं जिसका मकसद Argentina, लियोनेल मेसी या किसी और कहानी को आगे बढ़ाना हो। पूर्व सहायक रेफरी के अनुसार अधिकारी स्वतंत्र निर्णय लेते हैं और गलतियों को साजिश नहीं समझना चाहिए।
Cann, जिन्होंने 2010 और 2014 विश्व कप में काम किया था, बताते हैं कि टूर्नामेंट के अधिकारी अलग-अलग राष्ट्रीय संघों और परिसंघों से आते हैं, और उनका रोज़मर्रा का काम प्रशिक्षण, क्लिप्स देखने और मैचों की तैयारी पर केंद्रित होता है। उनका मुख्य तर्क यह है कि रेफरी टूर्नामेंट के लिए अस्थायी रूप से शामिल किए जाते हैं, फीफा के निर्णयकर्ता के रूप में नहीं।
यह चर्चा Argentina के मैचों को लेकर लगाए गए आरोपों और ऑनलाइन अफ़वाहों के बीच सामने आती है, जिसमें Egypt पर 3-2 की जीत के बाद उठे दावे भी शामिल हैं। विश्व कप रेफरीयों की निगरानी करने वाले Pierluigi Collina ने Egypt द्वारा François Letexier और उनकी टीम पर Argentina का पक्ष लेने के आरोप के बाद अधिकारियों की निष्पक्षता का बचाव किया।
Cann यह भी स्वीकार करते हैं कि रेफरी फैसलों में गलतियाँ कर सकते हैं, और वह टूर्नामेंट तथा अपने करियर के कुछ उदाहरणों का हवाला देते हैं। लेकिन उनका कहना है कि पक्षपात के आरोप अधिकारियों के खिलाफ दुर्व्यवहार और धमकियों को बढ़ावा दे सकते हैं, और सामान्य निर्णय-समीक्षा को कुछ अधिक हानिकारक बना सकते हैं।
संपादकों के लिए सबसे मज़बूत कोण यह नहीं है कि हर फैसला सही था या नहीं, बल्कि यह है कि फुटबॉल समुदाय जायज़ आलोचना और हेरफेर के निराधार दावों के बीच कैसे अंतर करता है।


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