Chelsea ने मॉर्गन रोजर्स को Aston Villa से रिपोर्टेड £117m में साइन किया है, जबकि Alejandro Garnacho के दूसरी दिशा में जाने की बातचीत फिलहाल सीधे permanent sale के बजाय loan ढांचे में देखी जा रही है। यहां असली सवाल सिर्फ squad planning का नहीं, बल्कि यह भी है कि UEFA के वित्तीय नियमों के तहत हर deal को कैसे माना जाएगा।
Chelsea को लेकर आंकड़े अभी भी चौंकाने वाले हैं। क्लब को UEFA sanctions का सामना करना पड़ा है, उस पर भारी liabilities बनी हुई हैं, और senior squad भी बड़ा है; इसके बावजूद player sales से उसने काफी income भी जुटाई है। आगे की spending को सही ठहराने में यही trading model अहम दिखता है, खासकर तब जब और departures की संभावना या विचार चल रहा है।
Aston Villa के लिए Rogers की sale से बड़ा accounting gain बन सकता है, जबकि Garnacho का loan immediate commitment को सीमित कर सकता है और यह तय करने में कुछ नियंत्रण दे सकता है कि permanent move trigger होगा या नहीं। जटिलता यह है कि UEFA एक ही clubs के बीच जुड़े हुए deals की जांच कर सकता है, खासकर जब वे एक-दूसरे के करीब समय में हों।
बड़ी तस्वीर खिलाड़ियों जितनी ही modern transfer market की भी है। Financial दबाव में clubs अब सिर्फ यह नहीं पूछ रहे कि कोई signing टीम को बेहतर करेगी या नहीं; वे यह भी देख रहे हैं कि cost कब book होगी, obligations कैसे लिखी जाएंगी, और क्या regulators अलग-अलग deals को सचमुच अलग मानेंगे।


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