बुका्यो साका ने फ्रांस के खिलाफ 6-4 की विश्व कप तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ जीत में हैट-ट्रिक करके इंग्लैंड में अपनी जगह के लिए सबसे मजबूत तर्क पेश किया। यह प्रदर्शन उस सेमीफाइनल हार के कुछ दिन बाद आया, जिसमें उन्हें मैदान पर उतारा ही नहीं गया था।
इस अंतर ने थॉमस टुखेल के फैसले को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अर्जेंटीना के खिलाफ साका खेलने के लिए फिट थे, लेकिन टुखेल ने दाईं ओर मॉर्गन रोजर्स को शुरुआत दी, और Rogers ने Anthony Gordon के गोल में मदद भी की, इसके बाद इंग्लैंड 2-1 से आखिरी क्षणों में हार गया।
टुखेल की व्याख्या में रणनीति और खिलाड़ी-प्रबंधन, दोनों शामिल हैं। साका टूर्नामेंट में एड़ी की समस्या के साथ आए थे, इंग्लैंड के आठ में से केवल तीन मैचों में शुरुआती एकादश में रहे, और उनके मिनट पूरे टूर्नामेंट में नियंत्रित किए गए। टुखेल का कहना रहा है कि Arsenal के विंगर उनकी योजनाओं के केंद्र में बने हुए हैं।
इसके बावजूद, साका के आंकड़ों को नजरअंदाज करना मुश्किल है: 357 मिनट में तीन गोल और तीन असिस्ट, और Geoff Hurst, Gary Lineker तथा हैरी केन के साथ उन इंग्लैंड खिलाड़ियों की सूची में जगह, जिन्होंने विश्व कप में हैट-ट्रिक की है। तीसरे स्थान का मैच सेमीफाइनल को बदल नहीं सकता, लेकिन यह जरूर दिखाता है कि इस स्तर पर हर चयन कितना भारी पड़ सकता है।


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