एलन शियरर का मानना है कि इंग्लैंड को एज़टेका स्टेडियम में मेक्सिको के खिलाफ अपने विश्व कप मुकाबले में चिंता के बजाय आत्मविश्वास के साथ उतरना चाहिए। उनके मुताबिक ऊंचाई, शोर और घरेलू दर्शक असली चुनौतियां हैं, लेकिन ये थॉमस ट्यूशेल की टीम के लिए डर का कारण नहीं होनी चाहिए।
BBC Sport के इस कॉलम में इस मैच को एक बड़ा मानसिक और सामरिक परीक्षण बताया गया है: मेक्सिको अपने घर में खेल रहा है, स्टेडियम का ऐतिहासिक महत्व है, और इंग्लैंड को टूर्नामेंट के अपने पिछले मुकाबलों की तुलना में कहीं कम अनुकूल माहौल का सामना करना होगा। शियरर यह भी कहते हैं कि एज़टेका में मेक्सिको का प्रतिस्पर्धी रिकॉर्ड मजबूत है, लेकिन यह इतिहास उन्हें अजेय नहीं बनाता।
इंग्लैंड की नज़र से देखें तो सबसे बड़े फुटबॉल सवाल विंग और दाहिने फुल-बैक की भूमिका को लेकर हैं। शियरर मेक्सिको के लिए Julian Quinones को खतरा मानते हैं और सुझाव देते हैं कि ट्यूशेल को रक्षात्मक मजबूती और आक्रामक योगदान के बीच संतुलन बनाना होगा, जबकि केंद्रीय मिडफ़ील्ड की संरचना में Declan Rice, Elliot Anderson और Jude Bellingham को बनाए रखना चाहिए।
बड़ी बात यह है कि इंग्लैंड क्या DR Congo के खिलाफ की तुलना में तेज शुरुआत कर सकता है और मेक्सिको को गति पकड़ने का मौका नहीं देगा। शियरर अब भी इंग्लैंड के आगे बढ़ने की उम्मीद करते हैं, लेकिन उनका तर्क भविष्यवाणी से कम और मानसिकता से ज्यादा जुड़ा है: इस मैदान को बाधा नहीं, अवसर मानकर खेलना चाहिए।


चर्चा
चर्चा में भाग लेने के लिए साइन इन करें।
साइन इन / रजिस्टर करें