स्पेन विश्व कप चैंपियन है, क्योंकि उसने न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी स्टेडियम में अर्जेंटीना पर अतिरिक्त समय में 1-0 की जीत दर्ज की। फेरान टोरेस ने दूसरे अतिरिक्त समय के शुरुआती हिस्से में निर्णायक गोल किया, जब निको विलियम्स और पेद्रो पोरो की कोशिशों से मौका बना।
मुकाबले की पहचान स्पेन के नियंत्रण और अर्जेंटीना की लगातार दबाव बनाने में नाकामी रही। ESPN की रिपोर्ट के अनुसार स्पेन ने 20 शॉट लिए, जिनमें 12 लक्ष्य पर थे, जबकि अर्जेंटीना केवल दो प्रयास ही कर सका और बहुत देर तक कोई गंभीर चुनौती नहीं दे पाया।
इमिलियानो मार्तिनेस ने लंबे समय तक अर्जेंटीना को मुकाबले में बनाए रखा और रिपोर्ट में उनके 11 बचाव दर्ज किए गए, लेकिन स्पेन का दबाव आखिरकार निर्णायक साबित हुआ। एनज़ो फर्नान्देस को पाउ कुबार्सी पर फाउल के बाद देर से दूसरा पीला कार्ड मिला, जिससे अर्जेंटीना के विकल्प और भी सीमित हो गए।
लियोनेल मेस्सी, जिन्होंने कहा था कि यह उनका अंतिम विश्व कप होगा, के लिए यह हार ऐसे टूर्नामेंट का अंत रही जिसमें उन्हें आठ गोल और चार असिस्ट से जोड़ा गया। स्पेन और लुईस दे ला फुएंते के लिए यह परिणाम यूरोपीय खिताब के साथ विश्व खिताब भी जोड़ता है और दिखाता है कि यह अभियान गेंद पर नियंत्रण, रक्षात्मक अनुशासन और धैर्य पर टिका था।


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