अमेरिका 4-1 की अंतिम-16 हार के साथ विश्व कप से बाहर हो गया, और सिएटल में यह शिकस्त बेल्जियम की बेहतर फिनिशिंग और अमेरिकी रक्षात्मक गलतियों की वजह से तय हुई। मुकाबले से पहले फोलारिन बालोगुन की उपलब्धता पर हुई बहस छाई रही, लेकिन अंततः मैच का रुख खेल के भीतर की गलतियों ने मोड़ा।
बालोगुन को बोस्निया-हर्ज़ेगोविना के खिलाफ पिछले दौर में मिले रेड कार्ड से जुड़ी स्वचालित पाबंदी को फीफा ने निलंबित कर दिया था, जिससे वह बेल्जियम के खिलाफ खेल सके। इस फैसले पर आलोचना और राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई, लेकिन हार के बाद पोचेटिनो ने कहा कि इससे नतीजे की व्याख्या नहीं होती, साथ ही उन्होंने इस मामले के इर्द-गिर्द पैदा हुई व्यापक प्रतिक्रिया पर निराशा भी जताई।
मैदान पर अमेरिका, चार्ल्स दे केतेलेरे को रोकने में नाकाम रहा, और गोलकीपर मैट फ्रीज़ से जुड़ी एक महंगी स्थिति ने हांस वानाकेन की मदद से बेल्जियम को नियंत्रण में पहुँचा दिया। बाद में रोमेलू लुकाकू ने बेल्जियम का चौथा गोल जोड़ा, और सिएटल में माहौल धीरे-धीरे फीका पड़ गया, क्योंकि कई समर्थक अंतिम सीटी से पहले ही बाहर जाने लगे।
यह हार सह-मेज़बानों के लिए उस चरण पर अभियान का अंत है, जहाँ कनाडा और मैक्सिको भी बाहर हो चुके हैं। इससे यह सवाल भी उठा है कि यह टूर्नामेंट अमेरिका में क्या विरासत छोड़ेगा। पोचेटिनो का भविष्य भी अभी साफ नहीं है, क्योंकि उनका अनुबंध विश्व कप के बाद समाप्त होना है और आगे की बातचीत बाद के लिए टल गई है।


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