अमेरिका का राउंड ऑफ़ 32 प्रतिद्वंद्वी तय हो गया है: बोस्निया और हर्जेगोविना। लाइव रिपोर्ट के अनुसार, फीफा की वेबसाइट ने यह मुकाबला तुर्की के ख़िलाफ़ नतीजे या बाकी मैचों से अलग, पहले ही पक्का कर दिया था।
इस पुष्टि के बाद लॉस एंजिलिस में ग्रुप डी के आख़िरी मैच का माहौल बदल गया है। अमेरिका पहले ही समूह में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका था, जबकि तुर्की बाहर हो चुका था, इसलिए अब फ़ोकस क्वालिफ़िकेशन से ज़्यादा टीम चयन और खिलाड़ियों की लय पर है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौरीसियो पोचेत्तीनो ने अपनी टीम में बदलाव किए, जबकि वेस्टन मैकेनी टीम में बने रहे और कप्तानी की बाज़ूबंद पहनी। रिकार्डो पेपी भी नज़र रखने लायक खिलाड़ी बने रहे, क्योंकि वे पहले घायल क्रिश्चियन पुलिशिच की जगह खेल चुके थे। उधर तुर्की के बारे में कहा गया कि उसने सात बदलाव किए।
अमेरिकी समर्थकों के लिए अब बड़ा सवाल तुर्की मैच के नतीजे से आगे बढ़कर नॉकआउट चरण की तैयारी पर आ गया है। बोस्निया और हर्जेगोविना के इंतज़ार में यह बहस है कि क्या रोटेशन से अहम खिलाड़ियों को बचाया जा सकता है, या फिर इससे ग्रुप चरण में बनी रफ़्तार धीमी पड़ सकती है।


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