फीफा ने राष्ट्रगान के दौरान फोटोग्राफरों की व्यवस्था बदल दी है, क्योंकि थॉमस टुशेल ने शिकायत की थी कि डलास में क्रोएशिया के खिलाफ 4-2 की जीत से पहले वे इंग्लैंड के खिलाड़ियों को ठीक से नहीं देख पा रहे थे। इस बदलाव के बाद कोचिंग स्टाफ को डगआउट क्षेत्र के ठीक सामने रहने की बाध्यता नहीं रहेगी और वे अपनी टीम को साफ़ देख सकेंगे।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, फोटोग्राफरों को अब एक अधिक सघन समूह में रखा जा सकता है, संभवतः हाफवे लाइन के अधिक करीब। कोचिंग स्टाफ को भी बेंच के सामने स्थिर रहने के बजाय फोटोग्राफरों के बाईं या दाईं ओर जाने की अनुमति होगी। बताया गया है कि फीफा ने यह समायोजन टुशेल सहित कई लोगों की प्रतिक्रिया मिलने के बाद किया।
यह समस्या एटी एंड टी स्टेडियम की बनावट से और स्पष्ट हो गई लगती है, जहां फुटबॉल पिच समायोजित करने के लिए खेल सतह को ऊपर उठाना पड़ा। इससे साइडलाइन की उपलब्ध जगह कम हो गई, और प्री-मैच समारोह के दौरान कोचों तथा मीडिया के लिए क्षेत्र और भी तंग हो गया।
फिर भी यह स्पष्ट नहीं है कि यह समझौता इंग्लैंड की चिंताओं को पूरी तरह दूर कर पाएगा या नहीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि फुटबॉल एसोसिएशन अभी भी फीफा के साथ आगे की बातचीत का इंतजार कर रहा है, इसलिए यह मामला एक बार की शिकायत से अधिक टूर्नामेंट संचालन से जुड़ा मुद्दा भी बन गया है।


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