Lionel Messi और Jairzinho के नाम पुरुष विश्व कप में एक ही फाइनल्स में गोल्डन बूट लिए बिना सबसे ज्यादा गोल करने का साझा रिकॉर्ड है। Jairzinho ने 1970 में Brazil के लिए सात गोल किए और Messi ने 2022 में Argentina के लिए सात गोल किए।
इन मामलों से साफ है कि यह पुरस्कार टूर्नामेंट की बड़ी कहानी से अलग भी जा सकता है। Jairzinho की Brazil ने विश्व कप जीता, लेकिन West Germany के लिए Gerd Müller के 10 गोलों की वजह से स्कोरिंग पुरस्कार उनकी पहुंच से बाहर रहा। Messi ने भी 2022 में ट्रॉफी उठाई और Golden Ball जीता, जबकि किलियन एम्बापे के आठ गोलों ने उन्हें गोल्डन बूट दिलाया।
यही पैटर्न पहले के उच्च-स्कोरिंग टूर्नामेंटों में भी दिखता है। 1954 में Max Morlock, Erich Probst और Josef Hügi ने छह-छह गोल किए, लेकिन Sandor Kocsis उनसे काफी आगे रहे। चार साल बाद Pelé और Helmut Rahn ने भी छह-छह गोल किए, मगर Just Fontaine के 13 गोलों वाले प्रदर्शन ने एक अलग मानक तय कर दिया।
महिला विश्व कप के इतिहास में भी ऐसे कई करीब-पहुंचे मामले हैं। 1991 में Heidi Mohr ने Germany के लिए सात गोल किए, लेकिन Michelle Akers-Stahl से पीछे रहीं। 2007 में Abby Wambach और Ragnhild Gulbrandsen ने छह-छह गोल किए, जबकि Marta ने सात गोल के साथ पुरस्कार जीता। 2019 में Alex Morgan और Ellen White छह गोल करने वालों में थीं, और Megan Rapinoe ने टाई-ब्रेक मानकों के आधार पर गोल्डन बूट हासिल किया।


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