क्रिस्टियानो रोनाल्डो की विश्व कप यात्रा खत्म हो गई है, क्योंकि पुर्तगाल को अंतिम-16 में स्पेन से 1-0 से हार मिली, जिसमें Mikel Merino ने इंजरी टाइम में गोल किया। हार के बाद रॉबर्टो Martínez ने भी पुष्टि की कि वह पुर्तगाल के मैनेजर पद से जा रहे हैं।
रोनाल्डो के लिए यह बाहर होना उस असाधारण करियर की आखिरी बड़ी कमी को भी सामने लाता है, जिसमें पांच बैलन डी’ओर, पांच चैंपियंस लीग खिताब और Euro 2016 की ट्रॉफी शामिल हैं। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने पहले ही इस टूर्नामेंट को अपना आखिरी विश्व कप बता दिया था, हालांकि उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय भविष्य पर फैसला करने से पहले वे परिवार के साथ समय लेकर शांत मन से सोचेंगे।
अब पुर्तगाल की टीम चयन को लेकर बहस और तेज होगी। रोनाल्डो ने टूर्नामेंट में तीन गोल किए, लेकिन स्रोत यह भी बताता है कि खेल में उनकी कुल भागीदारी पर सवाल उठे, जिसमें कम अवसर बनाने और खुले खेल में अपेक्षाकृत सीमित प्रभाव जैसी बातें शामिल हैं। BBC पंडित Chris Sutton ने Martínez की कड़ी आलोचना की और कहा कि मैनेजर ने टीम ढांचे में रोनाल्डो को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया।
Martínez ने रोनाल्डो की मौजूदगी का बचाव करते हुए उनके अनुभव, सेट-पिस खतरे और जरूरत पड़ने पर डिफेंडरों को व्यस्त रखने की क्षमता का हवाला दिया। लेकिन रक्षापंक्ति, मिडफील्ड और आक्रमण में कई बड़े नामों वाली टीम के बावजूद पुर्तगाल का अंतिम-16 से बाहर होना इस बड़े सवाल को और गहरा करता है कि क्या वफादारी, पदानुक्रम और फॉर्म के बीच संतुलन सही तरीके से बनाया गया था।


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