इंग्लैंड विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंच चुका है और अटलांटा में DR Congo का सामना करेगा, जहां थॉमस टूखेल की अगली बड़ी परीक्षा यह होगी कि वे ग्रुप चरण की ठोस प्रगति को अचानक समाप्त हो सकने वाले फुटबॉल में सुरक्षित आगे बढ़ने की राह में बदल सकें। असली सवाल यह है कि क्या वे रक्षात्मक और मध्यपंक्ति संरचना पर सही फैसला कर पाते हैं, क्योंकि एक खराब प्रदर्शन पूरे अभियान को खत्म कर सकता है।
टूखेल की टीम ने ग्रुप एल में क्रोएशिया और पनामा पर जीत दर्ज की और घाना के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। यह पहला लक्ष्य पूरा करने के लिए काफी था, लेकिन रक्षात्मक तस्वीर अब और जटिल हो गई है: Tino Livramento टूर्नामेंट से पहले ही बाहर थे, जबकि Reece James और Jarell Quansah के DR Congo मैच के लिए अनुपलब्ध रहने की रिपोर्ट है। ऐसे में Djed Spence विशेषज्ञ दाएं-बैक के रूप में बचा हुआ विकल्प हैं, हालांकि जरूरत पड़ने पर Ezri Konsa को उस तरफ खिसकाया जा सकता है अगर टूखेल पिछली पंक्ति में बदलाव करते हैं।
मध्यपंक्ति का संतुलन भी संपादकों के लिए ध्यान देने योग्य विषय है। Declan Rice को पनामा के खिलाफ आराम दिया गया था, क्योंकि स्रोत में पीले कार्ड के जोखिम और फिटनेस प्रबंधन का हवाला दिया गया है, और उसी मैच में इंग्लैंड ने 13 शॉट्स खाए। बीबीसी विश्लेषण Rice को एक अस्थिर रक्षा की सुरक्षा के लिहाज से खास अहम मानता है, साथ ही Jude Bellingham और Morgan Rogers को साथ इस्तेमाल करने के आक्रामक आकर्षण की भी ओर इशारा करता है।
टूर्नामेंट का व्यापक संदर्भ दबाव बढ़ा रहा है। जर्मनी की पेनल्टी पराग्वे से हार, नीदरलैंड्स की मोरक्को से हार और जापान के खिलाफ ब्राजील की मुश्किल से मिली जीत ने यह फिर दिखाया है कि इस दौर में गलती की गुंजाइश कितनी कम है। इंग्लैंड DR Congo के खिलाफ पसंदीदा टीम बना हुआ है, लेकिन टूखेल के चयन अब उस दर्जे के अनुरूप होने चाहिए, सिर्फ मिनटों के प्रबंधन तक सीमित नहीं।


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