हैरी कैन के देर से किए गए दो गोलों की बदौलत इंग्लैंड ने कॉन्गो डीआर को 2-1 से हराकर विश्व कप के अंतिम 16 में जगह बना ली। इन दो गोलों के साथ कैन के विश्व कप करियर गोल 13 हो गए और वे पेले के 12 गोलों के आंकड़े से आगे निकल गए।
शुरुआत में ही ब्रायन सिपेंगा के गोल से कॉन्गो डीआर आगे निकल गया था, और मैच लंबे समय तक इंग्लैंड के लिए बेहद तनावपूर्ण बना रहा। लियोनल म्पासी और कॉन्गो डीआर की रक्षापंक्ति ने इंग्लैंड को कई मौकों पर रोके रखा, लेकिन कैन के 75वें मिनट के बराबरी वाले गोल ने पहले स्कोर को बराबर किया और फिर उनका विजयी गोल वापसी को पूरा कर गया।
यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए कैन की बढ़ती रिकॉर्ड-श्रेणी में एक और कड़ी जोड़ती है। स्रोत के अनुसार, वे पहले ही गैरी लिनेकर को पीछे छोड़कर इंग्लैंड के सर्वाधिक विश्व कप गोल करने वाले खिलाड़ी बन चुके थे, और इन ताज़ा गोलों के साथ इस टूर्नामेंट में उनके गोलों की संख्या पांच हो गई है।
इंग्लैंड अब 5 जुलाई को एस्तादियो एज़टेका में सह-मेजबान मेक्सिको से अंतिम 16 में भिड़ेगा। संपादकों के लिए चर्चा का प्रमुख बिंदु सिर्फ यह रिकॉर्ड नहीं, बल्कि यह भी हो सकता है कि नॉकआउट चरण से पहले इंग्लैंड का कैन के फिनिशिंग पर निर्भर रहना ताकत है या चेतावनी संकेत।


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